ग्रामीण मेधावी छात्र/छात्रा अभिनंदन कार्यक्रम, रैपुरा-2019 मेधा जब अपना अभिनय करती है तो उसे ऐसे रंगमंच की जरूरत होती है जिसमें वह पुरस्कृत एवं अभिनंदित होती है। ग्रामीण मेधावी छात्र/छात्रा अभिनंदन कार्यक्रम ऐसा ही एक रंगमंच है जो हमारे गांव रैपुरा की प्रतिभाओं को सम्मानित करता है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादाई होता है। इस कार्यक्रम की शुरुआत स्व.श्री चंद्रशेखर जी (तत्कालीन आयुक्त वाणिज्यकर) ने वर्ष 1984 को अपने अथक प्रयासों से की थी, इसके बाद से ही यह कार्यक्रम अपनी निरन्तरता बनाये हुए अपने 36वें वर्ष में आ पहुंचा है जिसमें इसने लगातार प्रगति की है। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी मेधावी अभिनंदन कार्यक्रम का आयोजन दशहरे के अगले दिन एकादशी (9 अक्टूबर 2019 दिन- बुधवार) को राघवेन्द्र रामलीला समाज मंच, रैपुरा पर रात्रि 9 बजे से सम्पन्न हुआ जिसमें कक्षा 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं, नवोदय, एकीकृत, राष्ट्रीय प्रतिभा खोज, इंजीनियरिंग तथा मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ ही विभिन्न सरकारी सेवाओं (राष्ट्रीय एवं प्रांतीय) को मिलाकर कुल 36 मेधावियों को सम्मानित किया गया है। जिसमें कक्षा 5...
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लघुकथा मनोविज्ञान "अरे सुनीता आ गई, दीवाली अच्छी रही तुम्हारी"... पत्नी जी ने मेड को देखकर पूछा। "हां आंटी जी अच्छी रही" कह कर वो काम मे जुट गई। सुनीता 24-25 साल की है और इस कालोनी के कई घरों में काम करने जाती है। "अच्छा सुन ये ले 200 रुपये इनाम के और मिठाई का डब्बा" दरियादिली दिखाते हुए श्रीमती जी ने कहा। " धन्यवाद आंटी जी" सपाट भाव से कह कर वो किचन की ओर मुड़ी। "आज तेरी साड़ी बहुत अच्छी लग रही है दीवाली में खरीदी थी क्या?" "अरे नही आंटी जी ये तो 105 नंबर वाली शर्मा मैम ने दी थी गिफ्ट में और साथ मे 1100 रुपये इनाम के भी"..सुनीता चहकते हुए बोली.."सच कहूं तो रानी हैं शर्मा मैम इस कॉलोनी की।" दो हजार का एक नोट लाकर उसे पकड़ाते हुए श्रीमती जी बोलीं "सुन, वो मैट्रिक पास बुढ़िया मेरा क्या मुकाबला करेगी, मनोविज्ञान की प्रोफेसर हूँ मैं समझी साठ हजार कमाती हूँ महीने का...और हां इस कॉलोनी की रानी कौन है अब बता तो ज़रा?" "मैं तो ऐसे ही बोल रही थी रानी तो आप ही हैं मैम" सुनीता मुस्कुरा कर काम मे लग ...

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